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जनता माँगती रही गई भू कानून और उत्तराखंड की धामी सरकार ने अपने लिए भू कानून के नियम ही बदल डाले

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देहरादून के रिंगरोड के पास स्थित लाडपुर में बनने जा रहा है बीजेपी का नया मुख्यालय

मुख्यालय में 55 कमरे, 4 हॉल तथा एक डिजिटल लाइब्रेरी शामिल है

उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए विकास प्राधिकरणों को ‘आवासीय उपयोग’ के लिए उपयोग होने वाली भूमि पर ‘राष्ट्रीय राजनीतिक दलों’ के कार्यालयों के निर्माण की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिससे प्रभावी रूप से भाजपा के लिए एक नए राज्य मुख्यालय का रास्ता साफ हो गया।

अभी तक देहरादून मास्टर प्लान-2025 में जोनल प्लान के अनुसार संबंधित विकास प्राधिकरण से अनुमोदन के बाद केवल स्थानीय निकायों, राज्य और केंद्र सरकार और सार्वजनिक उद्यमों के कार्यालय भवनों को ‘आवासीय’ चिह्नित भूमि पर अनुमति दी गई थी।

भाजपा के नेताओं से भूमि कानून में परिवर्तन लाने के बारे में पूछा गया तो कृषि मंत्री और पुष्कर सिंह धामी सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा, “अब, सभी राष्ट्रीय दलों को उस श्रेणी में शामिल किया गया है (छूट प्रदान करना)। यदि कोई राष्ट्रीय राजनीतिक दल भविष्य में निर्माण करना चाहता है, तो उसे भी अनुमति दी जाएगी।

क्या है मामला

भाजपा देहरादून में रिंग रोड के पास लाडपुर क्षेत्र में 12,320 वर्ग मीटर के भूखंड पर अपना नया मुख्यालय बनाने जा रही है। योजना के अनुसार, भवन में 55 कमरे और चार हॉल होंगे, साथ ही एक डिजिटल लाइब्रेरी और एक जगह होगी जिसमें कम से कम 500 लोग बैठ सकते हैं।

बाकायदा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भाजपा के इस मुख्यालय की भूमि पूजन में भी शामिल हो चुके हैं और उन्होंने ही 17 अक्टूबर, 2020 को इस मुख्यालय की नींव रखी थी। हालांकि भूमि उपयोग का मुद्दा होने के कारण अभी तक मुख्यालय का निर्माण कार्य शुरू नही हुआ है।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष ने 22 जनवरी, 2021 को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कहा गया था कि भाजपा मुख्यालय के लिए निर्धारित भूमि का एक हिस्सा ‘आवासीय उपयोग’ श्रेणी में आता है, और निर्माण की अनुमति देने के लिए नियमों में छूट की सिफारिश की गयी थी।

बुधवार को जब कैबिनेट की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा हुई तो उसके बाद में विकास प्राधिकरणों को ‘आवासीय’ भूमि पर राजनीतिक दलों के कार्यालयों को अनुमति देने की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया। प्रस्ताव के “उद्देश्य” में कहा गया है कि यदि राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक दल ‘आवासीय’ भूमि पर पार्टी कार्यालय स्थापित करना चाहते हैं, तो देहरादून मास्टर प्लान -2025 के जोनल प्लान में एक प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि प्राधिकरण का एक बोर्ड समानता के आधार पर अनुमति दे सके।

बीजेपी के एक पदाधिकारी ने सूत्रों को बताया, ‘कैबिनेट के इस फैसले के बाद पार्टी को भवन के नक्शे पर मंजूरी मिल जाएगी और उसके बाद निर्माण शुरू किया जाएगा.

भाजपा का वर्तमान राज्य मुख्यालय आकार में छोटा है और अधिक भीड़भाड़ वाले बलबीर रोड पर स्थित है। जिससे अक्सर स्थानीय निवासियों,नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक के कार्यक्रमों के लिए बैठकों असुविधा होती है।

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