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रिलीज होते ही दर्शकों की जुबां पर छाया “मैं छों नोनी टिहरी की” गीत

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कुछ समय पहले उत्तराखंड के संगीत जगत में धूम मचाने वाले गीत “मैं छों नोनी पौड़ी की” के सुपरहिट होने के बाद अब दर्शकों के लिए राज टाइगर ओर अनिशा रंगड़ एक और शानदार गीत लेकर आये हैं। जिसका नाम है “मैं छों नोनी टिहरी की”।
राज टाइगर का यह नया गीत एनआर फिल्म्स के बैनर तले रिलीज हुआ है और इस गाने में संगीत दिया ए वायरस ने, इस गाने के बोल लिखे हैं खुद राज टाइगर ने, इसके अलावा इस गाने में अपनी अदाकारी से चार चांद लगाए हैं आकाश नेगी “बंटी”, दीक्षा बडोनी और श्वेता पुंडीर जी जोड़ी ने।


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गाने का संगीत जितना शानदार और क्रेजी है उतनी ही शानदार एक्टिंग और कोरिओग्राफी भी है। यह गीत मेलोडियस होने साथ साथ आज के युवाओं के संगीत तर्ज के ऊपर बिल्कुल सटीक बैठता है और पहली बार सुनते ही दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ता है।

गीत की कहानी

“मैं छों नोनी टिहरी की” के बोल की तरह ही इस गाने के वीडियो को भी काफी अच्छे ढंग से पेश किया गया है। जिसमें दर्शाया गया है की किस तरह से एक मॉडर्न लड़की पहाड़ की जीवनशैली से दूर रहना चाहती है और दूर शहरों में रहकर सरकारी नौकरी करना चाहती है। इन्हीं शब्दों को वह अपने प्रेमी के सामने तंग भरे अंदाज़ में कहती है, जवाब में उसका प्रेमी भी हाँ में हाँ मिलता हुआ नजर आता है। कहता है की चाहे वह कोई और कैसी भी लड़की हो लेकिन वह सिर्फ टिहरी की नोनि (लड़की) से ही शादी करेगा।

गाने को सुनकर ऐसा लगता है कि भले ही शब्द बदल गए हों लेकिन धुन में वही पुराना जादू पहले की तरह ही बरकरार है। जिसमें संजू सिलोड़ी और रीता ध्यानी की जोड़ी ने चार चाँद लगाये थे।
राज टाइगर की बात की जाए तो बहुत कम समय में राज टाइगर ने अपने नए अंदाज़ और दर्शकों की समझ के साथ उत्तराखंड की संगीत इंडस्ट्री को कई सुपरहिट गाने दिये हैं। उन्होंने युवाओं की भावनाओं को समझ कर इस तरह के गाने दिए हैं जो कि कुछ ही समय में युवाओं की जुबान पर चढ़ जाते हैं। राज टाइगर जिस हिसाब से उत्तराखंड के संगीत जगत में नये नये प्रयोगों के साथ काम कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है।


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उत्तराखंड की संस्कृति और अपने लोक कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए एन.आर फिल्म्स के निर्माता नरेंद्र राणा भी हमेशा आगे रहते हैं और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हर तरह के गीत-संगीत को दर्शकों तक पहुंचाते हैं। वह उत्तराखंड की पृष्टभूमि से दूर साउथ अफ्रीका में रहकर भी कला और संस्कृति के प्रति अपने प्रेम को कलाकारों के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वाकई इस तरह के सांस्कृतिक प्रेम को देखकर कहा जा सकता है कि आने वाले समय में अगर इसी तरह की कोशिशें जारी रही तो हमारे उत्तराखंड की संगीत इंडस्ट्री के लिए एक सुनहरे भविष्य का आगाज किया जा सकता है।
अब तक एन.आर फिल्म्स मां बालासुंदरी के बैनर तले कई बेहतरीन गीता चुके हैं जो कि हमारी लोककला और संस्कृति को दर्शाते हैं।


इन गीतों में माँ बालासुंदरी, दूर छां विदेश भेजी,बामणी, हे विधाता,मॉडर्न जमानु,छलिया छलबलि,ग्रहचाल,आषाढ़ रोपणी जौला,पापा की परी, माँ जी,बिनाखल मेला,हरे कृष्णा जैसे कई सुपरहिट गीत शामिल हैं।

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